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love shayari

  तुम्हारे ओंठो कि लाली, खिलती बहुत है। हर किसी के दिल को, भाती बहुत है। जब मुस्कराती हो ,इन ओंठो से तुम कसम से लाशें, गिराती बहुत हो। यादों में हम उनके, खोये हुए थे। दिल में ही सपना, सजाये हुए थे। आये नहीं वो , अब तक इस महफिल में जो उनके लिए, सजाये हुए थे।